BPSC Civil Judge Exam 2026: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। न्यायिक क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरना होता है। हर साल हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, जिनमें से कुछ ही सफल होते है। यह परीक्षा निश्चित रूप से कठिन होती है, लेकिन अगर आप सही तरीके से तैयारी करें तो आपको परीक्षा में पास होने से कोई नहीं रोक सकता। सामान्य अध्ययन और विधि विषय में फोकस कर आप प्रारंभिक परीक्षा को पास कर सकते हैं।
परीक्षा का प्रारूप
प्रारंभिक परीक्षा (चरण-1)
सामान्य अध्ययन – 100 प्रश्न (100 अंक)
विधि विषय – 150 प्रश्न (150 अंक)
प्रकार: वस्तुनिष्ठ (ओएमआर आधारित)
कुल अंक: 250
अवधि: सामान्य अध्ययन के लिए 1.30 घंटा और विधि विषय के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा।
नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। यह केवल स्क्रीनिंग टेस्ट है, अंतिम मेरिट में अंक नहीं जुड़ेंगे।
● सामान्य ज्ञान : इस भाग में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारत एवं बिहार से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाएं, प्रारंभिक सामान्य विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के बुनियादी सिद्धांत, दैनिक जीवन से जुड़े विज्ञान के प्रश्न, भारत का इतिहास, प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत, स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय भूगोल, बिहार का भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, संविधान की मूल विशेषताएं, शासन व्यवस्था, संसद, न्यायपालिका, भारतीय अर्थव्यवस्था, आर्थिक विकास, बजट, योजनाएं, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली की मूल बातों से संबंधित प्रश्न होंगे।
● रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ें, लेकिन लगातार पढ़ें।
● छोटे नोट्स बनाएं, हफ्ते में एक बार रिविजन करें और हर रविवार खुद का टेस्ट लें।
● तथ्यों को याद रखने पर फोकस ज्यादा करें।
विधि विषय : इस खंड में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, सिविल प्रक्रिया संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, भारतीय संविधान, संविदा अधिनियम, अपकृत्य, संपत्ति अंतरण अधिनियम, वाणिज्यिक विधि, हिंदू विधि एवं मुहम्मदन लॉ से संबंधित प्रश्न होंगे।
● बेयर एक्ट को पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ें।
● हर महत्वपूर्ण धारा के साथ 1–2 प्रमुख निर्णय (केस लॉ) याद रखें।
● सिविल, आपराधिक प्रक्रिया और साक्ष्य की धाराओं का चार्ट बनाकर नियमित दोहराव करें।
मुख्य परीक्षा (चरण-2)
अनिवार्य विषय :
सामान्य हिंदी – 100 अंक
सामान्य अंग्रेजी – 100 अंक
सामान्य ज्ञान (करेंट अफेयर्स सहित) – 150 अंक
प्रारंभिक सामान्य विज्ञान – 100 अंक
साक्ष्य एवं प्रक्रिया विधि – 150 अंक
परीक्षा की अवधि तीन घंटे होगी।
● वैकल्पिक विषय (पांच में किसी तीन का चयन करना होगा):
● संविधान एवं प्रशासनिक विधि
● हिंदू विधि एवं मुहम्मदन लॉ
● संपत्ति अंतरण एवं इक्विटी सिद्धांत
● संविदा एवं अपकृत्य
● वाणिज्यिक विधि
● प्रत्येक वैकल्पिक विषय: 150 अंक (3 घंटे)
सामान्य हिंदी : इस भाग में अपठित गद्यांश, निबंध लेखन, पत्र/प्रार्थना पत्र लेखन, व्याकरण (संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, वाक्य शुद्धि), मुहावरे एवं लोकोक्तियां, शब्दों का सही प्रयोग एवं वाक्य निर्माण से संबंधित प्रश्न होंगे।
● रोज एक निबंध या एक पत्र लिखकर अभ्यास करें।
● व्याकरण (संधि, समास, वाक्य शुद्धि) के रोज 20–25 प्रश्नों से प्रैक्टिस करें।
● मुहावरे, लोकोक्तियां और शब्दों का सही प्रयोग नोटबुक में लिखकर नियमित दोहराव करें।
सामान्य अंग्रेजी : इसमें ग्रामर, टेंस, आर्टिकल्स, प्रिपोजिशन, मॉडल्स, सब्जेक्ट-वर्ब एग्रीमेंट, साइनोनेम्स, एंटोनेम्स, आईडम एंड फ्रेज, कम्प्रिहेंसिव पैसेज, एरर स्पॉटिंग, सेन्टेंस इम्प्रूवमेंट से संबंधी प्रश्न पूछे जाएंगे।
● रोज एक गद्यांश और संक्षेपण लिखने का अभ्यास करें।
● व्याकरण के नियम (काल, वाच्य, कथन परिवर्तन, आर्टिकल, प्रीपोजिशन) की प्रैक्टिस करें।
● रोज 10–15 नए शब्द (पर्यायवाची, विलोम, मुहावरे) सीखें और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करें।
सामान्य अध्ययन : इसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारत का इतिहास, भारतीय भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान, भारतीय अर्थव्यवस्था और बिहार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य पूछे जाएंगे।
● सिलेबस को आधार बनाकर तैयारी करें।
● करंट अफेयर्स को इतिहास, संविधान या अर्थव्यवस्था से जोड़कर समझें।
● उत्तर लेखन का अभ्यास करें
प्रारंभिक सामान्य विज्ञान : इस भाग में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान से संबंधि प्रश्न पूछे जाएंगे। आम तौर पर इन प्रश्नों का स्तर 10वीं या 12वीं कक्षा तक का होता है।
● रटने की बजाय भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान के मूल सिद्धांत समझें।
● कक्षा 6 से 10 की किताबों से बुनियाद मजबूत करें।
● महत्वपूर्ण टॉपिक के डायग्राम बनाकर याद करें।
साक्ष्य एवं प्रक्रिया विधि : इसमें मुख्यता तीन भाग होंगे-
1. भारतीय साक्ष्य अधिनियम : साक्ष्य की प्रासंगिकता, स्वीकारोक्ति एवं स्वीकृति, गवाह एवं उनकी परीक्षा, दस्तावेजी साक्ष्य, अनुमान, प्रमाण का भार।
2. सिविल प्रक्रिया संहिता : वाद की स्थापना, क्षेत्राधिकार, पक्षकार, समन, प्लीडिंग, अंतरिम आदेश, डिक्री एवं निष्पादन, अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विचार।
3. दंड प्रक्रिया संहिता : एफआईआर और जांच, गिरफ्तारी एवं जमानत, मजिस्ट्रेट की शक्तियां, आरोप निर्धारण, ट्रायल की प्रक्रिया, अपील और पुनरीक्षण।
● उत्तर लिखते समय बेयर एक्ट को आधार बनाएं।
● प्रक्रिया का फ्लोचार्ट बनाएं
● महत्वपूर्ण निर्णय को जोड़ें
वैकल्पिक विषय : (पांच में से तीन का चयन करना होगा)
संविधान एवं प्रशासनिक विधि : इसमें संविधान की प्रस्तावना, मूल अधिकार, नीति निदेशक तत्व, केंद्र व राज्य की शक्तियां, राष्ट्रपति, राज्यपाल, संसद, न्यायपालिका, न्यायिक पुनरावलोकन, रिट अधिकार, प्रशासनिक कार्यवाही, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और अधिकरण से संबंधित प्रश्न होंगे।
हिंदू विधि एवं मुहम्मदन लॉ : इसमें हिंदू विधि से विवाह, तलाक, दत्तक ग्रहण, उत्तराधिकार एवं संपत्ति अधिकार, भरण-पोषण और मुहम्मदन लॉ से विवाह (निकाह), तलाक, मेहर, उत्तराधिकार व वक्फ से प्रश्न पूछे जाएंगे।
संपत्ति अंतरण एवं इक्विटी सिद्धांत : इस भाग में संपत्ति अंतरण अधिनियम- 1882, विक्रय, बंधक (मॉरगेज), पट्टा (लीज), उपहार (गिफ्ट), विनिमय (एक्सचेंज), ट्रस्ट के सिद्धांत और इक्विटी के सिद्धांत से संबंधित ज्ञान परखा जाएगा।
संविदा एवं अपकृत्य : इसमें संविदा अधिनियम-1872, प्रस्ताव और स्वीकृति, वैध अनुबंध के तत्व, अनुबंध का उल्लंघन और क्षतिपूर्ति, प्रतिफल, अपकृत्य, लापरवाही, मानहानि, उपद्रव आदि से संबंधित प्रश्न होंगे।
वाणिज्यिक विधि : इसमें कंपनी अधिनियम के मूल सिद्धांत, साझेदारी अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और बीमा एवं बैंकिंग के मूल सिद्धांत से संबंधित प्रश्न होंगे।
● रुचि और पकड़ के अनुसार विषय चुनें
● कॉन्सेप्ट साथ-साथ पढ़ें
कुल अंक: 100
अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के
अंकों को जोड़कर बनाई जाएगी।
साक्षात्कार में आपके वैकल्पिक विषय और संविधान से व्यावहारिक प्रश्न प्रश्न पूछे जाएंगे। साथ ही समसामयिक घटनाएं, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, न्यायपालिका से जुड़े हालिया निर्णय, विधि सुधार एवं सामाजिक मुद्दे, निर्णय क्षमता और तार्किक सोच के अलावा आपकी शैक्षणिक व व्यक्तिगत पृष्ठभूमि, शिक्षा, कार्य अनुभव, आपने न्यायिक सेवा क्यों चुनी? आपके गृह राज्य/जिले से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
● अपने भरे गए फॉर्म और विधि के मूल विषयों को अच्छी तरह दोहराएं।
● समसामयिक मुद्दों पर संतुलित और न्यायिक दृष्टिकोण विकसित करें।
● मॉक इंटरव्यू देकर आत्मविश्वास, स्पष्टता और शांत स्वभाव पर काम करें।
ये टिप्स भी अपनाएं
जल्दबाजी में गलतियां न करें
जल्दबाजी में छोटी-छोटी गलतियां न करें। उन प्रश्नों को पहले करें जिनमें आप 100 फीसदी सुनिश्चित हों।
समय बर्बाद न करें
परीक्षा हॉल में अक्सर कोई गणित का सवाल या पहेली फंस जाती है। किसी एक प्रश्न पर 2-3 मिनट से ज्यादा बर्बाद न करें। प्रश्न छोड़ने करने की कला सीखें। कठिन प्रश्नों को छोड़ना और आसान प्रश्नों को पहले समेटना ही टॉपर की रणनीति होती है।
पिछले वर्षों के पेपर हल करें
पिछले वर्षों के उठाएं और उन्हें हल करें। इससे आपको पता चलेगा कि किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं उनका स्तर क्या रहा है। इससे आपको तैयारी करने के लिए सही दिशा मिलेगी।
ये भी जरूरी
● प्रश्न पत्र मिलते ही प्रश्नों को हल करना शुरू न करें बल्कि उसके महत्त्वपूर्ण निर्देशों को पढ़ें। संभव है कि उन निर्देशों में कोई महत्त्वपूर्ण सूचना मिल जाए।
● संपूर्ण प्रश्नपत्र को एक बार सरसरी निगाह से देखने के बाद पुनः समय व्यवस्थित करें जिससे प्रश्नपत्र पूरा करने में समय कम न पड़े।
● पहले आसान प्रश्नों या अपने पसंदीदा खंड से संबंधित प्रश्नों को ही हल करें, इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. बीपीएससी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में कितने चरण होते हैं?
बीपीएससी सिविल जज परीक्षा मुख्य रूप से तीन चरणों में आयोजित की जाती है—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार। प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होती है, जबकि अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों के आधार पर तैयार की जाती है।
2. प्रारंभिक परीक्षा में कौन-कौन से विषय पूछे जाते हैं?
प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन और विधि विषय से प्रश्न पूछे जाते हैं। सामान्य अध्ययन में इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और करंट अफेयर्स शामिल होते हैं, जबकि विधि विषय में भारतीय दंड संहिता, सिविल प्रक्रिया संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और अन्य कानून से जुड़े प्रश्न होते हैं।
3. क्या बीपीएससी सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?
नहीं, बीपीएससी सिविल जज की प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। इसलिए उम्मीदवार बिना डर के प्रश्नों का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन फिर भी सोच-समझकर उत्तर देना बेहतर होता है।
4. मुख्य परीक्षा में कितने विषय होते हैं?
मुख्य परीक्षा में सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान और साक्ष्य एवं प्रक्रिया विधि जैसे अनिवार्य विषय होते हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों को पांच वैकल्पिक विषयों में से किसी तीन का चयन करना होता है।
5. सिविल जज परीक्षा की तैयारी कैसे शुरू करनी चाहिए?
तैयारी की शुरुआत सिलेबस को अच्छे से समझकर करनी चाहिए। बेयर एक्ट का नियमित अध्ययन, छोटे-छोटे नोट्स बनाना, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना और नियमित रिवीजन करना इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए बेहद जरूरी होता है।
6. साक्षात्कार में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
साक्षात्कार में उम्मीदवार के वैकल्पिक विषय, संविधान, समसामयिक घटनाएं, न्यायपालिका से जुड़े हालिया फैसले, सामाजिक मुद्दे और उम्मीदवार की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा यह भी देखा जाता है कि उम्मीदवार की तार्किक सोच और निर्णय लेने की क्षमता कैसी है।
Current Patrika संदेश
बीपीएससी सिविल जज परीक्षा न्यायिक सेवा में प्रवेश पाने का एक प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण अवसर है। यह परीक्षा केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि धैर्य, निरंतर अभ्यास और सही रणनीति की भी मांग करती है। अगर अभ्यर्थी सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करें, बेयर एक्ट पर मजबूत पकड़ बनाएं, नियमित रिवीजन करें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें, तो सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
याद रखें कि इस परीक्षा में सफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि लगातार मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से मिलती है। इसलिए आत्मविश्वास बनाए रखें, अपनी तैयारी को व्यवस्थित रखें और हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ते रहें। सही रणनीति और समर्पण के साथ आप भी न्यायिक सेवा में अपना स्थान बना सकते हैं।
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