AIIMS Nursing Officer Exam 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली देशभर के एम्स और विभिन्न केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर की बंपर भर्तियां करने जा रहा है। एम्स इसके लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित करता है। प्रारंभिक परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। यह परीक्षा अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है, इसलिए अभ्यर्थियों को कड़ी मेहनत के साथ तैयारी करनी होती है। यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है जो पहली बार आवेदन कर रहे हैं। नर्सिंग जैसे स्कोरिंग विषय का गहनता से अध्ययन कर आप इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकते हैं।
विषयवार करें परीक्षा की तैयारी : नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले पाठ्यक्रम और परीक्षा के प्रारूप के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। इससे आपको यह भी पता चल जाता है कि परीक्षा में किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे। नर्सिंग ऑफिसर भर्ती सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित हैं। प्रश्न पत्र को हल करने के लिए 90 मिनट का समय मिलेगा और प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की कटौती होगी। इनमें से प्रत्येक विषय की तैयारी के लिए विशिष्ट रणनीतियों की आवश्यकता होती है। विषयवार तैयारी युक्तियां नीचे दी जा रही हैं…
1-नर्सिंग विषय : यह सेक्शन व्यावहारिक कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर केंद्रित है। इस सेक्शन से सर्वाधिक 80 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस सेक्शन की तैयारी के लिए नर्सिंग की शिक्षा और प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इसके लिए नर्सिंग विषय का गहनता से अध्ययन करना आवश्यक है। इस सेक्शन को 60 मिनट या उससे कम समय में समाप्त करें।
2- सामान्य ज्ञान एवं योग्यता : इस सेक्शन का उद्देश्य उम्मीदवारों के सामान्य ज्ञान का टेस्ट करना होता है। इस सेक्शन से 20 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए समसामयिक मामलों, आर्थिक और वित्तीय जागरूकता, सरकारी योजनाओं और हालिया घटनाक्रमों पर ध्यान दें। अपने सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के लिए नियमित समाचार पत्र पढ़ें और न्यूज चैनल देखें। गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए, प्रासंगिक सूत्रों, कुछ शॉर्टकट तकनीकों आदि को याद रखना आवश्यक है।
चयन प्रक्रिया : ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा, ऑनलाइन मुख्य परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर चयन होगा।
परीक्षा का प्रारूप
●ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के होंगे।
●प्रश्न पत्र में सामान्य ज्ञान एवं योग्यता से 20 प्रश्न और नर्सिंग विषय से 80 प्रश्न होंगे।
●प्रश्न पत्र को 18 मिनट की अवधि में पांच खंडों में विभाजित किया जाएगा, जहां प्रत्येक खंड में 20 प्रश्न होंगे।
●परीक्षा की अवधि 90 मिनट होगी। प्रत्येक गलत जवाब होने पर एक तिहाई अंक की कटौती की जाएगी।
●ऑनलाइन मुख्य परीक्षा 160 अंकों की होगी, जिसमें 160 प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के होंगे।
●प्रश्न पत्र चार खंडों में विभाजित होगा। नर्सिंग कोर्स से प्रत्येक खंड में 40 प्रश्न होंगे।
●परीक्षा अवधि तीन घंटे होगी। प्रत्येक गलत जवाब होने पर एक तिहाई अंक की कटौती की जाएगी।
पाठ्यक्रम (सिलेबस)
●सामान्य ज्ञान : भारतीय संसद, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट और पंचवर्षीय योजनाएं, प्रसिद्ध कलाकार, खेल, साहित्य, सामान्य विज्ञान, जीव विज्ञान, आविष्कार और खोज, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर्यटन, विरासत, भारत के प्रसिद्ध स्थान, भूगोल, भारतीय इतिहास, देश और राजधानियां, प्रसिद्ध दिन और तारीखें, पुस्तकें और लेखक, पुरस्कार और सम्मान, नदियां, झीलें और समुद्र, पर्यावरण के मुदृदे, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन।
●गणित : संख्या प्रणालियां, पूर्ण संख्याओं की गणना, लघुत्तम और महत्तम, दशमलव, भिन्न, संख्याओं के बीच संबंध, मौलिक अंकगणितीय संक्रियाएं, प्रतिशत, अनुपात और समानुपात, औसत, सरल एवं चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ और हानि, छूट, तालिका और ग्राफ का उपयोग, क्षेत्रमिति, काम और समय, समय और दूरी, अनुपात और समय, समय और कार्य।
●नर्सिंग : नर्सिंग के मौलिक सिद्धांत, नर्सिंग विषयों पर बुनियादी जानकारी, नर्सिंग मैनेजमेंट, मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (पैथोलॉजी और फार्माकोलॉजी सहित), नर्सिंग शिक्षा (ई-तकनीक सहित), बाल चिकित्सा नर्सिंग, मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग, नर्सिंग प्रबंधन, नर्सिंग अनुसंधान और सांख्यिकी, प्रसूति और स्त्री रोग नर्सिंग, सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, पोषण और आहार विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, जैव रसायन।
पाठ्यक्रम का विश्लेषण करें : परीक्षा की तैयारी में उन अध्यायों को अवश्य पढ़ना चाहिए जो प्रासंगिक हैं। पाठ्यक्रम की मदद से उम्मीदवार महत्वपूर्ण विषयों और अध्यायों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। अध्ययन योजना तैयार करते समय आप कठिन विषयों और अध्यायों को सूचीबद्ध कर सकते हैं।
नोट्स बनाएं : प्रत्येक अध्याय से महत्वपूर्ण अवधारणाओं को नोट करें और विषयों को अच्छी तरह से समझने और याद रखने के लिए नोट्स बनाएं। यह अंतिम समय में रिवीजन में बहुत उपयोगी होता है। इससे आपकी समझ मजबूत होती है। इसके अलावा आपके समय की भी बचत होती है।
विषयों को दोहराएं : परीक्षा से कुछ दिन पहले का समय को महत्वपूर्ण विषयों के पुनरीक्षण के लिए समर्पित करना चाहिए। अभ्यर्थी अपने मजबूत क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें। जिन विषयों को आपने कवर किया है, उन्हें दोहराएं ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें आसानी से याद किया जा सके।
नियमित अध्ययन करें: परीक्षा में सफल होने के लिए नियमित अध्ययन करने की जरूरत होती है। अभ्यर्थी दैनिक, साप्ताहिक और मासिक अध्ययन कार्यक्रम बनाएं। इसमें सभी विषयों को शामिल करें। इससे पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने और परीक्षा के दिन से पहले पर्याप्त अभ्यास करने में मदद मिलेगी।
समय प्रबंधन जरूरी : कम समय में प्रश्नों को हल करना होता है। यदि समय प्रबंधन के कौशल में मजबूत पकड़ बना लेते हैं, तो अतिरिक्त समय का उपयोग आप उत्तरों को संशोधित करने या लंबे या कठिन प्रश्नों पर अतिरिक्त ध्यान देने में कर सकते हैं।
पिछले वर्ष के पेपर को हल करें : पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को हल करने से आपको परीक्षा संरचना, कठिनाई का स्तर और परीक्षा में पहले पूछे गए अंकों के वेटेज वाले प्रश्नों की जानकारी मिलती है। इस तरह आप तैयारी का स्तर निर्धारित कर सकते हैं। यह आपके आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को बढ़ाएगा।
मॉक टेस्ट का अभ्यास करें : परीक्षा की तैयारी स्तर को जानने का सबसे अच्छा तरीका मॉक टेस्ट है। नियमित रूप से मॉक टेस्ट का प्रयास करके आप गति, सटीकता और समग्र तैयारी स्तर में सुधार कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त यह मजबूत और कमजोर क्षेत्रों को निर्धारित करने में मदद करता है।
सटीकता बनाए रखें : परीक्षा में सटीकता और गति बनाए रखना जरूरी होता है। चूंकि परीक्षा में एक तिहाई अंक का नकारात्मक अंकन है,इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा में अनुमान लगाने से बचना चाहिए। सटीकता के साथ प्रश्न हल करने की गति को बेहतर बनाने के लिए अधिक से अधिक अभ्यास करें।
अच्छी पुस्तकों का चयन करें: परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों का चयन करना चाहिए। अपनी तैयारी को आसान बनाने के लिए विशेषज्ञ-अनुशंसित किताबों का चयन करें। सही किताबों के चयन से बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करने और संबंधित अध्यायों को जल्द पूरा करने में मदद मिलती है।
समय व्यर्थ न करें : परीक्षा में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है। वर्तमान में हमारे आसपास कई ऐसी चीजें हैं जिससे व्यक्ति का समय व्यर्थ होता ही है जैसे मोबाइल, लैपटॉप आदि। आपको परीक्षा की तैयारी के लिए इन सभी चीजों से बचने की आवश्यकता है, इसीलिए यह जरूरी है कि आप सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान दें। समय व्यर्थ न करें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. एम्स नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा कब आयोजित की जाएगी?
एम्स द्वारा नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 11 अप्रैल 2026 को आयोजित किए जाने की योजना है। हालांकि, अंतिम तिथि और अन्य अपडेट के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
2. नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?
प्रारंभिक परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें 80 प्रश्न नर्सिंग विषय से और 20 प्रश्न सामान्य ज्ञान एवं योग्यता से होते हैं।
3. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है क्या?
हाँ, इस परीक्षा में नकारात्मक अंकन लागू होता है। हर गलत उत्तर पर एक तिहाई (1/3) अंक की कटौती की जाती है, इसलिए प्रश्नों को सावधानीपूर्वक हल करना चाहिए।
4. एम्स नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की चयन प्रक्रिया क्या है?
इस भर्ती में चयन मुख्य रूप से तीन चरणों के आधार पर किया जाता है—ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा, ऑनलाइन मुख्य परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन।
5. नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा की तैयारी कैसे शुरू करें?
तैयारी शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को अच्छी तरह समझना चाहिए। इसके बाद विषयवार अध्ययन, नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना बेहद जरूरी है।
6. क्या मॉक टेस्ट देना इस परीक्षा की तैयारी में मदद करता है?
जी हाँ, मॉक टेस्ट परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे उम्मीदवार अपनी गति, सटीकता और समय प्रबंधन कौशल को बेहतर बना सकते हैं और अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं।
7. नर्सिंग विषय की तैयारी पर कितना ध्यान देना चाहिए?
चूंकि परीक्षा में नर्सिंग विषय से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को इस विषय का गहन अध्ययन करना चाहिए और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत बनाना चाहिए।
Current Patrika संदेश
एम्स नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा देश की प्रतिष्ठित चिकित्सा भर्तियों में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को सही रणनीति, नियमित अध्ययन और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। यदि अभ्यर्थी सिलेबस को समझकर योजना के साथ तैयारी करते हैं, महत्वपूर्ण विषयों का समय-समय पर पुनरीक्षण करते हैं और मॉक टेस्ट के माध्यम से अपनी तैयारी को परखते हैं, तो सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखें, समय का सही उपयोग करें और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। लगातार मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से इस परीक्षा को पास करना बिल्कुल संभव है।
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