प्रश्न 1. एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya) के 8वें दिन किस भारतीय एथलीट ने पुरुष मैराथन रेस में ऐतिहासिक पदक जीतकर 44 साल का सूखा खत्म किया?
उत्तर: सावन बरवाल (Sawan Barwal) है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के आठवें दिन भारतीय धावक सावन बरवाल ने इतिहास रच दिया। हिमाचल प्रदेश के रहने वाले और भारतीय सेना के जवान 28 वर्षीय सावन ने पुरुषों की मैराथन रेस में सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किया।
- इस मेडल की अहमियत को आप इन 3 खास बातों से समझ सकते हैं:
- 44 साल का लंबा इंतजार खत्म: भारत ने आखिरी बार एशियन गेम्स की मैराथन में साल 1982 (दिल्ली खेल) में कोई मेडल जीता था। सावन ने 44 साल के इस लंबे सूखे को खत्म कर देश का मान बढ़ाया।
- विदेशी धरती पर पहला मैराथन मेडल: यह भारत के इतिहास में पहला मौका है जब किसी भारतीय धावक ने देश से बाहर (विदेशी सरजमीं पर) आयोजित एशियन गेम्स की मैराथन में पदक जीता है।
- नया नेशनल रिकॉर्ड (National Record): सावन ने 42.195 किलोमीटर की इस बेहद कठिन दौड़ को मात्र 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरा किया। ऐसा करके उन्होंने अपना ही पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड (2:12:38) ध्वस्त कर दिया और एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
प्रश्न 2. हाल ही में समरकंद, उज्बेकिस्तान में संपन्न हुए 46वें शतरंज ओलंपियाड 2026 (46th Chess Olympiad) में किस देश ने ‘ओपन कैटेगरी’ में पहला स्थान हासिल किया है?
सही उत्तर: उज्बेकिस्तान है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- मुख्य बात: 46वां शतरंज ओलंपियाड 2026 उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर समरकंद में आयोजित किया गया था। इस बार टूर्नामेंट में मेज़बान देश उज्बेकिस्तान का जलवा रहा।
- ओपन कैटेगरी (Open Category): मेज़बान देश उज्बेकिस्तान ने आख़िरी राउंड में यूक्रेन को हराकर ओपन कैटेगरी में गोल्ड मेडल (पहला स्थान) अपने नाम किया। यह उनका दूसरा ओलंपियाड खिताब है।
- भारत का प्रदर्शन (ओपन): भारतीय टीम ने इस कैटेगरी में शानदार खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल (दूसरा स्थान) हासिल किया। वहीं जर्मनी की टीम तीसरे स्थान (ब्रॉन्ज मेडल) पर रही।
- महिला कैटेगरी (Women’s Category): महिलाओं के मुक़ाबले में चीन की टीम सबसे आगे रही और उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इस कैटेगरी में कजाकिस्तान को सिल्वर और भारत को ब्रॉन्ज मेडल (तीसरा स्थान) मिला।
प्रश्न 3. देश के महान स्वतंत्रता सेनानी ‘शहीद भगत सिंह’ की जयंती प्रतिवर्ष किस तारीख को मनाई जाती है?
सही उत्तर: 28 सितंबर है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- चर्चा में क्यों?
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें याद किया और पूरे देश की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की। - 28 सितंबर का महत्व:
शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गाँव (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था। देश के प्रति उनके लगाव और देशभक्ति को सम्मान देने के लिए हर साल 28 सितंबर को उनकी जयंती बहुत गर्व के साथ मनाई जाती है। - युवाओं के प्रेरणास्रोत:
भगत सिंह ने बहुत ही छोटी उम्र में देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। उन्होंने “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बुलंद किया, जो आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का जोश भर देता है। मात्र 23 साल की उम्र में 23 मार्च 1931 को उन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा फाँसी दे दी गई थी (इसीलिए 23 मार्च को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है)। - परीक्षा के लिए जरूरी सीख:
करंट अफेयर्स और इतिहास के नजरिए से यह सवाल बेहद जरूरी है। एग्जाम्स में अक्सर भगत सिंह के जन्म दिवस (28 सितंबर) और उनके शहीदी दिवस (23 मार्च) को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता है, इसलिए इन दोनों तारीखों को अच्छे से याद रखना चाहिए।
प्रश्न 4. हाल ही में गृह मंत्रालय (MHA) ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 यानी AFSPA को 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीनों के लिए किन राज्यों के चुनिंदा इलाकों में बढ़ा दिया है?
सही उत्तर: मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- क्या फैसला लिया गया है?
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों—मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ खास इलाकों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, जिसे हम AFSPA के नाम से जानते हैं, की अवधि को 6 महीने के लिए और आगे बढ़ा दिया है। - यह कब से लागू होगा?
AFSPA की यह बढ़ी हुई अवधि 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। - ऐसा क्यों किया गया?
सरकार इन राज्यों के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए समय-समय पर सुरक्षा हालातों की समीक्षा करती है। इसी समीक्षा के आधार पर इन इलाकों को ‘अशांत क्षेत्र’ (Disturbed Area) घोषित रखते हुए AFSPA की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। - AFSPA क्या है? (Quick Fact)
यह कानून 1958 में बनाया गया था। इसके तहत सुरक्षा बलों को अशांत घोषित किए गए क्षेत्रों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ विशेष अधिकार मिलते हैं।
प्रश्न 5. हाल ही में केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के किस प्रबंध निदेशक (Managing Director) की समय से पहले सेवानिवृत्ति (Premature Retirement) को मंजूरी दी है?
उत्तर: दिनेश पंत है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) दिनेश पंत के समय से पहले रिटायरमेंट (Premature Retirement) के फैसले को अपनी हरी झंडी दे दी है।
- दिनेश पंत ने खुद अपनी मर्जी से समय से पहले रिटायर होने की गुजारिश की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। वह साल 2023 से एलआईसी के एमडी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वह एलआईसी में ही एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एक्चुरियल) और मुख्य एक्च्युअरी के रूप में भी काम कर चुके हैं। उनके पास बीमा क्षेत्र में काम करने का एक लंबा और शानदार अनुभव है।
प्रश्न 6. सितंबर 2026 में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल सरकार के किस चर्चित विधेयक (Bill) को पुनर्विचार (Reconsideration) के लिए वापस लौटा दिया है?
उत्तर: पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026 (जिसे आमतौर पर ‘एंटी-गुंडा बिल’ भी कहा जाता है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- मुख्य मामला क्या है?
- पश्चिम बंगाल की विधानसभा ने जून 2026 में एक सख्त कानून पास किया था, जिसका मकसद राज्य में संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना था। इस कानून के तहत पुलिस को बिना ट्रायल के किसी भी ‘गुंडे’ या संदिग्ध को 12 महीने तक हिरासत (Preventive Detention) में रखने का अधिकार दिया गया था। चूंकि यह राज्य का एक विशेष कानून था, इसलिए इसे अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था।
- राष्ट्रपति ने इसे वापस क्यों लौटाया?
- केंद्र सरकार ने इस बिल के कुछ नियमों पर आपत्ति जताई थी। दरअसल, इस बिल की धारा 2 में नशीली दवाओं (Drugs) से जुड़े अपराधियों को भी ‘गुंडा’ की परिभाषा में शामिल कर लिया गया था।
- केंद्र सरकार का कहना है कि नशीले पदार्थों के मामलों से निपटने के लिए पहले से ही देश में एक मजबूत केंद्रीय कानून NDPS एक्ट, 1985 (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) मौजूद है। ऐसे में राज्य का यह नया कानून केंद्रीय कानून के अधिकारों के साथ टकराव (Overlap) पैदा कर रहा था। इसी कानूनी पेंच की वजह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सितंबर 2026 में इस बिल को पश्चिम बंगाल सरकार के पास वापस भेज दिया ताकि वे इस पर फिर से विचार कर सकें.
- परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण संवैधानिक तथ्य (Polity Fact)
- अनुच्छेद 201 (Article 201): जब कोई राज्य सरकार ऐसा विधेयक बनाती है जिस पर केंद्र के साथ टकराव की संभावना हो, तो राज्यपाल उसे राष्ट्रपति के पास भेज देते हैं। अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति के पास यह शक्ति होती है कि वह उस बिल को मंजूरी दें, रोक लें या राज्य सरकार को सुधार के लिए वापस लौटा दें।
प्रश्न 7. हाल ही में किस सरकारी माइनिंग कंपनी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में ₹5,427 करोड़ की लागत वाले एक बड़े ‘इंटीग्रेटेड आयरन ओर प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की है?
सही उत्तर: एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC Ltd) है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- मुख्य खबर: सरकारी क्षेत्र की दिग्गज माइनिंग कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC Ltd) ने छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा इलाके में एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक शुरू (Commission) कर दिया है।
- लागत और ढांचा: इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट को तैयार करने में ₹5,427 करोड़ खर्च हुए हैं। इसके तहत तीन मुख्य यूनिट्स को आपस में जोड़ा (इंटीग्रेट) गया है:
- बचेली में नया आयरन ओर प्रोसेसिंग प्लांट।
- बचेली से नगरनार तक फैली 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन (जिसकी क्षमता सालाना 15 मिलियन टन है)।
- नगरनार में सालाना 2 मिलियन टन (2 MTPA) क्षमता वाला पैलेट प्लांट।
- प्रोजेक्ट का फायदा: यह पाइपलाइन बस्तर और दंतेवाड़ा के 61 गांवों से होकर गुजरती है। इसके शुरू होने से अब लोहे के कच्चे माल (आयरन ओर) को ट्रकों या सड़कों के बजाय सीधे पाइपलाइन के जरिए सुरक्षित तरीके से भेजा जा सकेगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुँचेगा।
- कंपनी का लक्ष्य: NMDC का यह कदम उसके उस लॉन्ग-टर्म प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी आने वाले समय में अपना कुल आयरन ओर प्रोडक्शन बढ़ाकर 100 मिलियन टन सालाना करना चाहती है।
प्रश्न 8. हाल ही में, उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने दूध प्रसंस्करण इकाइयों (Milk Processing Units) में किन रसायनों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है?
सही उत्तर: इथिलीन ग्लाइकॉल और डाइइथिलीन ग्लाइकॉल है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- मुख्य निर्णय: उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राज्य में मिलावटखोरी को रोकने और लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत दूध डेयरी और मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट्स में इथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene Glycol) और डाइइथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) के इस्तेमाल को पूरी तरह बैन कर दिया गया है।
- यह रसायन क्यों खतरनाक हैं?: ये केमिकल आमतौर पर एंटीफ्रीज या औद्योगिक सॉल्वैंट्स के रूप में इस्तेमाल होते हैं। दूध या खाद्य पदार्थों में इनकी मिलावट मानव शरीर, खासकर किडनी और लिवर के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकती है।
- मिठाइयों के लिए नया नियम: इसके साथ ही, FSDA ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब दुकानों पर बिकने वाली खुली मिठाइयों के लिए ‘Use by Date’ (इस्तेमाल की अंतिम तिथि) लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।
- ग्राहकों को फायदा: इस नियम से ग्राहकों को यह साफ-साफ पता चल सकेगा कि जो खुली मिठाई वो खरीद रहे हैं, वह कब बनी है और कब तक खाने के लिए सुरक्षित है। इससे बासी और सेहत को नुकसान पहुँचाने वाली मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगेगी।
प्रश्न 9. हाल ही में उत्तर प्रदेश के किस शहर में ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ (UP International Trade Show) का आयोजन किया गया, जिसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संबोधित किया था?
सही उत्तर: ग्रेटर नोएडा है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- चर्चा में क्यों?
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लिया और वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। - इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उत्तर प्रदेश आज पूरी दुनिया के व्यापारियों और निवेशकों (Investors) के लिए एक पसंदीदा राज्य बनता जा रहा है।
- उन्होंने राज्य में बढ़ रहे ग्लोबल ट्रेड (वैश्विक व्यापार) और निवेश के नए अवसरों की तारीफ की।
- इस ट्रेड शो का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, शिल्पकला और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मंच देना है।
प्रश्न 10. हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) ने आंध्र प्रदेश के फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू किसानों की मदद के लिए प्रति बार्न (Barn) कितने रुपये के ब्याज मुक्त लोन (Interest-free loan) को मंजूरी दी है?
सही उत्तर: ₹50,000 है।
उत्तर की पूरी व्याख्या (Detailed Solution):
- आंध्र प्रदेश के तंबाकू किसानों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू उगाने वाले किसानों के लिए एक खास वित्तीय मदद को मंजूरी दी है।
- इसके तहत किसानों को प्रति बार्न (तंबाकू सुखाने का शेड) ₹50,000 का लोन दिया जाएगा। इस लोन की सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से ब्याज मुक्त (Interest-free) है, यानी किसानों को इस पर कोई ब्याज नहीं देना होगा। यह एक बार मिलने वाली (One-time) राहत राशि है, जो संकट का सामना कर रहे किसानों को दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करेगी।
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